Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

डायनासौर भी कभी मछलियों की तरह तैरते थे

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spinosaurफिल्मों में और वृतचित्रों में कृत्रिम डायनासौरों को जमीन पर भागते हुए हम सभी ने देखा है और हमारे मन में उनकी यही छवि अंकित है. लेकिन अब संशोधकों ने पता लगा लिया है कि डायनासौर ना केवल जमीन पर चलते थे बल्कि पानी में तैरते भी थे.

नैचर न्यूज़ में प्रकाशित खबर के अनुसार फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ लीयोन के रोमैन एमियट और उनकी टीम ने अपने अभ्यास के बाद यह साबित किया है कि स्पाइनोसौर प्रजाति के डायनासौर पानी में अपना जीवन यापन करते थे. ये डायनासौर भोजन के लिए मछलियों तथा अन्य समुद्री जीवों को निशाना बनाते थे. 1983 में इंग्लैंड से प्राप्त बैरीयोनिक्स वाकेरी डायनासौर के भ्रुण के अमाशय में मछली के पंख के निशान मिले थे, जो इस बात की पुष्टि करते हैं.

स्पाइनोसौर परिवार के बैरीयोनिक्स वाकेरी डायनासौर की खोपड़ी लम्बी थी और वह मगरमच्छ के जैसी दिखाई देती थी. उसके दाँत भी चाकू के आकार के थे, जबकि टायरनोसौर रेक्स जाति के और धरती पर विचरण करने वाले डायनासौर के दाँत कुल्हाडी के आकार के होते थे.
लेकिन मछलियों के पंख ही एकमात्र सबूत नहीं हो सकता था.

वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर मतभेद था कि स्पाइनोसौर पानी में तैरते थे, क्योंकि उनके भ्रुण और अस्थिपिंजर में ना तो पंख दिखाई देते हैं ना ही तैरने में मददगार साबित हो सके ऐसा कोई अन्य अंग. इसलिए एमियट और उनकी टीम ने स्पाइनासौर के दाँत के एनामल में मौजूद ऑक्सिजन आइसोटोप का परीक्षण किया और उनका मिलान अन्य डायनासौर और मगरमच्छ के दाँत के एनामल के ऑक्सिजन आइसोटोप से किया.

जो जानवर सुखे प्रदेशों में अधिक समय बिताते हैं उनके शरीर से पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है. और चुँकि ऑक्सिजन-16, ऑक्सिजन-18 से हल्का होता है इसलिए उसका अधिक मात्रा में वाष्पिभवन होता है और ऑक्सिजन-18 दाँतो के एनामल के कोषों में जमा होता रहता है.

तो यदि स्पाइनासौर जलचर थे, तो उनके दाँतो के एनामल के कोषों में ऑक्सिजन-18 की मात्रा मगरमच्छ और कछुए जैसे जीव के बराबर होगी और आम डायनासौर से कम होगी. एमियट ने अलग अलग प्रदेशों से प्राप्त स्पाइनासौर, अन्य डायनासौर, मगरमच्छ और कछुओं के सैम्पल एकत्र किए और उनका परीक्षण किया.

इस शोध से पता चला कि स्पाइनासौर में ऑक्सिजन-18 की मात्रा जमीन पर चलने वाले डायनासौर में मौजूद ऑक्सिजा-18 की मात्रा से 1.3% अधिक थी, जबकि मगरमच्छ और स्पाइनासौर के शरीर में मौजूद ऑक्सिजन-18 की मात्रा लगभग एक बराबर थी. इससे साबित हुआ कि स्पाइनासौर प्रजाति के डायनासौर जलचर थे.
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