जहाँ दुनिया भर से सरंक्षित वन्य जीवों की संख्या लगातार घट रही है वहीं गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या लगातार बढ रही है. गुजरात के गीर अभ्यारण और आस पास के इलाकों में शेरों की गिनती का काम पूरा हो चुका है और नतीजे काफी उत्साहजनक आए हैं. पिछले तीस सालों में गीर के शेरों की संख्या दुगनी हो गई है.
इस साल की गिनती के अनुसार गीर और आसपास के इलाकों में 411 शेर विचरण करते हैं.
उल्लेखनीय बात यह है कि 1979 में यहाँ केवल 205 शेर ही बचे थे. लेकिन अब शेरों को बचाने का अभियान अपना असर दिखा रहा है और शेरों की संख्या लगातार बढ रही है.
इस विषय पर राज्य के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिखा कि गुजरात ने दिखा दिया है कि वन्य जीव सरंक्षण कैसे किया जा सकता है. उन्होनें लिखा कि गीर में अब महिला राज स्थापित हो गया है. उनका इशारा इस और था कि शेरों की कुल संख्या में शेरनियों की संख्या अधिक है.
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि 40% शेर शिशु और बाल हैं. शेरों के 77 बच्चे 1 वर्ष के हैं. यह दर्शाता है कि शेरों के सरंक्षण के कार्यक्रमों से काफी लाभ पहुँचा है.
दूसरी देश में बाघों की संख्या काफी कम हो गई है और बाघों को बचाने पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा है.

