ज़िराफ दुनिया धरती पर पाया जाने वाला सबसे लम्बा जानवर होता है और इसके लिए उसे अपनी लम्बी गर्दन को धन्यवाद देना चाहिए. ज़िराफ की लम्बाई 4.5 मीटर से लेकर 5 मिटर तक की हो सकती है, और इसमें उसकी गर्दन का हिस्सा ही 50% तक होता है. यानी कि ज़िराफ की मात्र गर्दन ही 2 से 2.5 मीटर की होती है.परंतु ज़िराफ की गर्दन इतनी लम्बी क्यों होती है? और क्या वह हमेशा से इतनी लम्बी थी? इसका जवाब है नहीं. जिराफ की गर्दन हमेशा से इतनी लम्बी नहीं थी. माना जाता है कि आधुनिक जिराफ का विकास करीब 10 लाख वर्ष पहले हुआ होगा. करीब 60 लाख साल पहले से जिराफ की गर्दन में बदलाव शुरू हो गया था. 1.5 करोड़ वर्ष पूर्व जिराफ अन्य सामान्य जानवरों तरह ही थे और अफ्रीका के शुष्क प्रदेशों में विचरण करते थे. परंतु उत्क्रांति के साथ उनकी गर्दन की लम्बाई बढनी शुरू हुई और लाखों वर्षों के बदलाव के बाद आज जिराफ का वर्तमान स्वरूप हमारे सामने है.
परंतु जिराफ की गर्दन लम्बी क्यों हुई? इसके पीछे आम मान्यता यह है कि अफ्रीका के शुष्क प्रदेशों में खाद्य सामग्रियों और वनस्पतियों की कमी थी. ऊँचे पेडों पर स्थित पत्तों को खाने के लिए ऊँचे कद की आवश्यकता पडती थी. चुँकि ऊँची गर्दन होने से जिराफ के पास अन्य जानवरों की अपेक्षा भोजन प्राप्त करने की अधिक सम्भावना रहती इसलिए उसकी गर्दन लम्बी होती गई. जिराफ लगातार ऊँचे पेडों के पत्तों तक पहुँचने की कोशिश करता है और इस प्रकार धीरे धीरे उसका क्रमिक विकास होने लगा.
परंतु अब इस धारणा को चुनौती मिल रही है. जर्नल ऑफ जुओलोजी में प्रकाशित शोध खबर के अनुसार यदि यही बात थी तो जिराफ के पाँव लम्बे क्यों नहीं हुए? यदि ऊँचे पेडों के पत्तों तक पहुँच बनाना ही लक्ष्य था तो जिराफ की गर्दन के साथ साथ पाँव भी लम्बे होते, जबकि ऐसा नहीं हुआ.
तो फिर राज़ क्या है? राज़ शायद जिराफ की सेक्स जिंदगी से जुडा है. नया अभ्यास बताता है कि जिराफ की लम्बी गर्दन "मादा" को पाने के लिए होने वाली लडाई में विपक्षी जिराफ पर हमला करने के लिए बनी है. दो जिराफ जब लडाई करते हैं तो वे एक दूसरे के आमने सामने आ जाते हैं और गर्दन को घुमाकर एक दूसरे के पेट और पाँव पर सिर से हमला करते हैं. उनके सिर का ऊपरी भाग काफी मजबूत होता है. अब यदि गर्दन लम्बी हो तो जिराफ के पास विपक्षी जानवर पर हमला करने में आसानी हो जाती है. वह लम्बी दूरी तक चोट कर सकता है.

जिस नर जिराफ की गर्दन अधिक लम्बी होती है, अमूमन वही लड़ाई जीतता भी है और मादाओं द्वारा पसंद भी किया जाता है.

