आक्रमणकारी वायरस से कैसे सुरक्षित रह गए कुछ पक्षी?
PLoS ONE में प्रकाशित खबर के अनुसार उटाह विश्वविद्यालय की टीम ने ने पता लगाया है कि पक्षियों में अनजाने पेरासाइट्स और वाइरसों से लड़ने के लिए एंटीबॉडिज़ तैयार करने की क्षमता होती है. गेलापागोज़ के फिंच कम से कम दो अलग प्रकार के वाइरसों के सम्पर्क में आए थे, लेकिन फिर भी वे उनके हमलों से बच गए क्योंकि उन्होनें उन वाइरसों से लड़ने के लिए एंटीबॉडी तैयार कर ली थी.
उटाह विश्वविद्यालय की जेन कूप के अनुसार पक्षियों में अपने शरीर को हमलावर पेरासाइट्सों से बचाने के लिए एंटीबॉडी तत्व विकसित करने की क्षमता होती है. इसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेल क्लेटन मानते हैं कि जंगली जीव अनजाने और घातक पेरासाइट्सों के सम्पर्क में आते ही अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को तेज कर देते हैं और उनके शरीर में एंटीबॉडी तत्व तैयार होने लगते हैं.
इससे कुछ साइड इफैक्ट भी जरूर होते होंगे लेकिन फिर भी उन पक्षियों की जान बच जाती है.

