वैज्ञानिकों ने कीटकों के द्वारा नष्ट कर दी जाने वाली फसल को बचाने के लिए एक नया तरीका ढूंढ निकाला है. हिब्रु यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम के वैज्ञानिकों ने नर कीटकों की "नसबंदी" कर उन्हें सेक्स के प्रति अतिउत्साहित कर महिला कीटकों की प्रजनन क्षमता कम करने मे सफलता हासिल की है. इससे कीटकों की आबादी प्राकृतिक रूप से कम हो जाएगी.अब तक कीटकों पर काबू पाने के लिए डीडीटी जैसे रसायनों का इस्तेमाल होता आया है. परंतु दशकों से हो रहे इसके इस्तेमाल से अब कीट इस रसायन के आदी हो गए हैं और अब उन्हें इससे कोई खतरा नहीं रह गया. परंतु दूसरी तरफ इस रसायन से प्रकृति को जरूर नुकसान पहुँच रहा है.
इसलिए हिब्रु यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की जो प्राकृतिक हो और उससे फसलों को भी बचाया जा सके.
बोएज़ युवाल एक द्वारा विकसित इस तकनीक की मदद से कुछ दर्जन कीटकों की प्रजातियों पर इसका प्रयोग किया गया है. इस तकनीक के माध्यम से लाखों नर कीटकों को अलग छाँटा जाता है, उनकी "नसबंदी" की जाती है, उन्हें सेक्स के प्रति उत्तेजित किया जाता है और फिर अन्य कीटकों के बीच छोड़ दिया जाता है.
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ये नर मादा कीटकों के साथ संसर्ग करेंगे, परंतु इससे कोई संतानोत्पति नहीं हो पाएगी और भविष्य में कीटकों की आबादी कम हो जाएगी.
सेक्स के प्रति उत्तेजित करने के लिए इन नर कीटकों को अधिक प्रोटीन युक्त बैक्टेरिया से प्रभावित आहार दिया जाता है. इससे नर कीटकों की सेक्स आकांक्षा कई गुना बढ जाती है और वे अन्य नर कीटकों पर हावी हो जाते हैं तथा मादा कीटकों के साथ यौन संबंध बनाते हैं.
यह नई तकनीक काफी उपयोगी साबित हो जा सकती है.

