संस्कृत वाला गाँव अब एलईडी से रोशन होगा
कर्णाटक का एक गाँव माथुर की पहचान उसके संस्कृत भाषी होने को लेकर है. इस मामले में यह एक मात्र व अनौखा गाँव है. मगर अब जल्द ही एक और विशेषता इससे जुड़ने वाली है.
जल्द ही कर्णाटक रिन्युएबल एनर्जी लिमिटेट द्वारा इस गाँव के घर व रास्ते एलईडी आधारीत बल्बों से रोशन होगें. 10 लाख रूपये खर्च कर गाँव के 250 घर व 75 रास्ते की लाइटों को बदला जाएगा. इससे उर्जा की खपत 50% तक कम हो जाएगी.

कर्णाटक का एक गाँव माथर की पहचान उसके संस्कृत भाषी होने को लेकर है. इस मामले में यह एक मात्र व अनौखा गाँव है. मगर अब जल्द ही एक और विशेषता इससे जुड़ने वाली है.
जल्द ही कर्णाटक रिन्युएबल एनर्जी लिमिटेट द्वारा इस गाँव के घर व रास्ते एलईडी आधारीत बल्बों से रोशन होगें. 10 लाख रूपये खर्च कर गाँव के 250 घर व 75 रास्ते की लाइटों को बदला जाएगा. इससे उर्जा की खपत 50% तक कम हो जाएगी.