हैती के नागरिकों के लिए बुरी खबर यह है कि उनका देश दुनिया के सबसे "रिस्की" देशों की सूचि में सबसे ऊपर है. एक अभ्यास के दौरान यह पाया गया है कि हैती और मोज़ाम्बिक ऐसे देश हैं जहाँ हर समय खतरा बना रहता है जो प्राकृतिक आपदाओं की वजह से दिवालिया होने की कगार पर हैं. ब्रिटेन की कंसल्टेंसी फर्म मैपलक्रॉफ्ट ने एक सूचि तैयार की है जिसमें दुनिया के उन देशों के नाम है जिनपर प्राकृतिक व अन्य आपदाओं की वजह से भारी नुकसान होने का खतरा हर समय बना रहता है. ऐसे देशों में अफ्रीका के गरीब देश ही नहीं बल्कि कई विकसित और अमीर देश भी शामिल है. उदाहरण के लिए इटाली और अमेरिका का नाम इस सूचि में काफी ऊपर है जो यह साबित करता है कि विकसित देश भी प्राकृतिक आपदाओं के आगे तो बेबस ही हैं.
मैपलक्रॉफ्ट ने 1980 से लेकर 2010 तक आई प्राकृतिक आपदाओं के आधार पर यह सूचि तैयार की है. इन आपदाओं में शामिल है भूकम्प, बाढ, जमीन धंसना, सूखा, महामारी, सुनामी, अत्यधिक गर्मी, अत्यधिक ठंड आदि.
हर समय तूफान का खतरा झेलते रहने वाला देश हैती इस सूचि में सबसे ऊपर है. इस वर्ष जनवरी में वहाँ आए विनाशक भूकम्प में 3 लाख से अधिक लोग मारे गए थे और देश की आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई थी. हैती के बाद मोज़ाम्बिक का नम्बर आता है जहाँ सन 2000 की बाढ ने भारी तबाही मचाई थी. इस बाढ की वजह से 800 से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान भी हुआ था. इसके बाद जिन देशों को सूचिबद्ध किया गया है वे हैं होंडुरास, वानुआतु, ज़िम्बाब्वे, अल सल्वाडोर आदि.
जिन विकसित देशों को सूचि में स्थान मिला है वे हैं अमेरिका जो 30वें स्थान पर है, इटाली जो 19वे स्थान पर है. चीन इस सूचित में 26वें स्थान पर है.

