क्या महिलाओं के दिमाग में मातृत्व संबंधित कुछ ऐसे न्यूरोन का विकास होता है जो उन्हें या तो अच्छी माँ या फिर बुरी माँ बनाता है? रिचमंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का यही मानना है. इन शोधकर्ताओं के अनुसार महिलाओं के दिमाग में कुछ विशेष मातृत्व न्यूरोन का विकास होता है जो उनके अच्छे या बुरे व्यवहार को संचालित करते हैं. यह शोध फिलहाल छोटे स्तनधारी जीवों तक ही सीमित है. इन जानवरों पर किए गए परीक्षणों से यह तथ्य सामने आया है. इस बारे में इस शोध से जुड़े प्रोफेसर क्रैग किंस्ले का कहना है कि इन 'मातृत्व न्यूरोन" को प्रभावित कर माँओं में अच्छे व्यवहार के गुण उत्पन्न किए जा सकते हैं.
इस शोध के अनुसार जिन मादाओं के दिमाग में इन "मातृत्व न्यूरोन" की संख्या कम होती है वे मादाएँ अपने बच्चों के साथ दुर्रव्यवहार करती है. जिन मादाओं में इन न्यूरोन की संख्या एकदम कम होती है वे अपने बच्चों पर हमला भी कर देती है तथा उन्हें मार भी सकती है.
यह परीक्षण फिलहाल छोटे स्तनधारी जीवों पर किया गया है लेकिन जल्द ही इसी प्रकार का परीक्षण इंसानों के ऊपर भी किया जाना है. इससे यह पता चलेगा कि क्या इन न्यूरोन का असर कुछ महिलाओं के अत्यंत हिंसक व्यवहार के लिए जिम्मेदार है?
इस प्रकार का परीक्षण याले विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने भी किया है. ब्रैन स्कैन तकनीक का इस्तेमाल कर ये शोधकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि अच्छे और बुरे व्यवहार के लिए कौन से न्यूरोन जिम्मेदार हैं. प्रोफेसर जैम्स स्वैन के अनुसार उनकी टीम ने दिमाग के उन कुछ हिस्सों का पता लगाया है जहाँ "पर्याप्त' अथवा "अपर्याप्त" अभिभावक व्यवहार तथा न्यूरोन के स्तर के बीच कोई संबंध स्थापित किया जा सकता है.
परंतु कुछ ऐसे संस्थान भी हैं जो मानते हैं कि यह शोध सही नहीं है. जैसा कि प्रोफेसर एलिसन फ्लेमिंग कहते हैं - मातृत्व से संबंधित व्यवहार के लिए कोई एक कारक जिम्मेदार नहीं हो सकता. यह कहना कि महिलाओं का दिमाग जटील होता है और उनके द्वारा अपने बच्चों को प्रताडित करना और अपने आपको इस व्यवहार को करने से ना रोक पाना किसी खास न्यूरोन की मौजूदगी से होता है गलत है. यह सही है कि सबकुछ हमारे दिमाग से संचालित होता है परंतु दिमाग स्वयं आसपास के वातावरण से प्रभावित होता है.
मुख्य बात यह है कि दिमाग के ऊपर आसपास के वातावरण और अपने करीबी लोगों के व्यवहार का कितना असर पहुँचता है?

