नियमित सेक्स के अनेक लाभ होते हैं. इससे तनाव कम होता है और शरीर स्वस्थ बना रहता है. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है. अब एक नई शोध से साबित हुआ है कि नियमित और आनंददायक सेक्स से दिमाग भी विकसित होता है. इससे दिमाग में नए कोष बनते हैं और व्यक्ति की एकाग्रता में बढोत्तरी हो सकती है. लाइव साइंस की खबर के अनुसार प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस विषय पर एक शोध कर यह जानना चाहा कि क्या आनंददायक पल हमारे दिमाग पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं?
इसके लिए वैज्ञानिकों ने कुछ चूहों पर प्रयोग किया. उन्होनें नर चूहों के दो समूह बनाए. एक समूह के नर चूहों के लिए उन्होनें 2 सप्ताह तक प्रति दिन सेक्स के लिए तैयार मादा चूहों को उपलब्ध करवाया. दूसरे समूह के चूहों को यह मौका हर दो सप्ताह में एक बार ही दिया गया. इस तरह से एक समूह के चूहों को प्रतिदिन सेक्स का आनंद उठाने का मौका मिला परंतु दूसरे समूह के चूहों को यह मौका नहीं मिला.
इसके बाद वैज्ञानिकों ने दोनों समूहों के चूहों के शरीर में ग्लूकोकोरिकोइड्स की मात्रा की जाँच की. ग्लूकोकोरिकोइड्स तनाव पैदा करने वाला हार्मोन होता है. हालाँकि दोनों समूह के चूहों के शरीर में इस हार्मोन की मात्रा पाई गई परंतु पहले समूह के चूहों के शरीर में उसकी मात्रा कम थी. दूसरी तरफ नियमित सेक्स का आनंद उठा रहे चूहों के दिमाग के कोष अधिक विकसित हुए और उनके बीच सम्पर्क सुत्र भी अधिक विकसित हुए. इन चूहों ने अन्य चूहों की अपेक्षा कम बेचैनी महसूस की और उनका दिमाग अधिक तेज बना.
इसका परीक्षण करने के लिए वैज्ञानिकों ने यह देखा कि खाने की खोज को लेकर दोनों चूहे किस तरह का व्यवहार करते हैं. वैज्ञानिकों ने देखा कि नियमित सेक्स का आनंद उठा रहे चूहे जटिल से जटिल परिस्थितियों में भी खाने को खोज निकालते हैं जबकि अन्य चूहे ऐसा नही कर पाते.
इससे स्पष्ट होता है कि नियमित सेक्स का चूहों के व्यवहार और दिमाग पर काफी सकारात्मक असर पडता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि बायोलोजिक रूप से चूहों के करीब मानवों के शरीर में भी इसी प्रकार के बदलाव होते होंगे.

