एक नई शोध से पता चला है कि आलू तथा उसके जैसी कुछ अन्य सब्जियों को यदि संरक्षित वातावरण में संतुलित प्रमाण में बिजली के झटके दिए जाएँ तो उनकी पौष्टिकता और भी अधिक बढ जाती है. बिजली का करंट देने से आलू में एंटीऑक्साइड की मात्रा बढ जाती है जो की शरीर को निरोगी रखता है और दिमाग को तेज बनाता है.फलों तथा सब्जियों में जो एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं वे पौष्टिक होते हैं तथा कई खतरनाक बिमारियों जैसे कि कार्डियोवस्यक्यूलर बिमारियों, मधुमेह तथा रीढ की हड्डी से सबंधित बिमारियों को रोकने में मदद करते हैं.
डेली मेल की एक खबर के अनुसार यदि आलू को नियंत्रित वातावरण में समुचित प्रमाण में इलैक्ट्रिसिटी के बीच से गुजारा जाए तो उसकी पौष्टिकता के स्तर में भारी बदलाव आ सकता है. यह बदलाव करीब करीब 60% जितना होता है. कुछ ऐसा ही बदलाव अल्ट्रासाउंड तकनीक का इस्तेमाल करने से भी आ सकता है.
यह शोध जापान की ओबिहिरो विश्वविद्यालय के काज़ुनोरी हिरोनाका ने की है. उनके अनुसार - वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे कि बाढ, सुखे जैसे स्थिति मे आलू तथा अन्य सब्जियों में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा बढ जाती है. काज़ुनोरी ने जानना चाहा कि क्या मानव द्वारा खडी की गई किसी कृत्रिम आपदा से भी ऐसा हो सकता है? उन्होनें एक प्रयोग किया.
उन्होनें कुछ आलूओं को नमक के पानी में डूबोया ताकी वे बिजली ग्रहण कर सकें. इसके बाद उन्हें आधे घंटे तक बिजली के हल्के झटके दिए गए. प्रयोग से पता चला कि इन आलूओं में एंटीऑक्साइड की मात्रा 60% तक बढ गई थी. यही असर 5 मिनट तक अल्ट्रासाउंड तकनीक का इस्तेमाल करने से भी हासिल हुआ.
हिरोनाका के अनुसार यह तकनीक काफी उपयोगी है. एक तो यह काफी सस्ती है और इससे कोई नुकसान भी नहीं पहुँचता है. परंतु इससे हमारी पंसदीदा सब्जी आलू और भी अधिक पौष्टिक बन जाता है.

