Wednesday, May 23rd

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

दो दशकों की भीतर हम बनेंगे "सुपर मानव', करेंगे दिमाग का बैक अप

Print PDF

super-humanरेमंड कर्ज़विल 62 वर्ष के जाने माने वैज्ञानिक हैं. उन्होनें अनगिनत शोध रिपोर्टें लिखी हैं और विज्ञान जगत में उनका नाम बेहद आदर के साथ लिया जाता है. कर्ज़विल ने अनुमान लगाया है कि अगले 20 वर्षो के भीतर हम विज्ञान के क्षैत्र में इतनी तरक्की कर लेंगे कि हर इंसान सुपरमैन की तरह होगा और हम हमारे हमारे दिमाग का बैक अप भी लिया करेंगे, ताकी कुछ भी भूल ना जाएँ.


ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में आयोजित "फ्यूचर टॉक" सेमिनार में बोलते हुए कर्ज़विल ने कहा कि - "दिमाग का बैक अप लेना बड़ी बात नहीं है. यह तकनीक आज भी हमारे पास उपलब्ध है. ऐसा आज भी सम्भव है."

उन्होनें आगे कहा कि - "मैं मानता हूँ कि आगामी 20 वर्षों में हम ऐसी तकनीक विकसित कर लेंगे जब हमारी धमनियों में हजारों नैनोबोट तैर रहे होंगे. ये नैनोबोट हमारे शरीर को स्वस्थ रखेंगे. किसी भी चोट को तुरंत ठीक कर देंगे. हमारी कार्यक्षमता को बढा देंगे. और हमारी दिमाग में जो संग्रहित हो रहा है उसका बैक अप भी लेते रहेंगे. यह बिल्कुल उसी तरह से होगा जिस तरह से आप कम्प्यूटर पर संग्रहित अपनी फाइलों का बैक अप लेते हैं."

तब हमारी हर सोच, हर भावना और हर अनुभव नैनोबोट में संग्रहित हो जाएगा. हम हमार बैक अप लेंगे जो हमारे जाने के बाद लोगों के काम आएगा क्योंकि हम मृत्यु को प्राप्त होंगे परंतु हमारी सोच जीवित रहेगी.

यदि आज यह असम्भव लगता है तो जरा यह पढिए. कर्ज़विल ने 80 के दशक में ब्रोडबैंड इंटरनेट की कल्पना की थी और कहा था कि 90 के दशक के मध्य तक दुनिया पर वर्ल्ड वाइड वेब का राज़ होगा. किसी ने उनपर यकीन नहीं किया परंतु ऐसा ही हुआ.

रेमंड कर्ज़विल -
रेमंड कर्ज़विल विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं. उन्होनें 15 वर्ष की उम्र में एक ऐसा प्रोग्राम बना लिया था जो मशहूर संगीतज्ञों की धूनों की हुबहु नकल बना सके. उन्होनें ही नैत्रहीन लोगों की सहातार्थ ऐसी पहली मशीन बनाई थी जो लिखा हुआ पढ सके. उन्होनें ही डिजिटल सिंथेसाइज़र भी बनाया जो वाद्ययंत्रों की आवाज़ निकाल सके. कर्ज़विल के पास 19 मानद उपाधियाँ हैं और वे कई देशों की सरकारों, वैज्ञानिक संगठनों, सेनाओं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सलाह देते हैं.

BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS