यह कहना है मशहूर अंतरिक्ष विज्ञानी स्टीफन हॉकिंस का. एक वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में स्टीफन ने कहा कि यदि मानव अगली दो शताब्दियों तक अंतरिक्ष में अपने लिए नए घर तलाशने मे नाकामयाब होता है तो बहुत सम्भावना है कि उसका खात्मा हो जाए क्योंकि तब तक पृथ्वी उसकी जरूरतों को पूरा करने के लायक नहीं रहेगी और प्राकृतिक बदलाव इंसानों की पूरी नस्ल को खत्म कर देंगे.स्टीफन हॉकिंस ने कहा कि - हमारे बचने की मात्र एक ही सम्भावना है और वह है पृथ्वी को छोड़ कर कही और बसेरा बसाना.
डेली मेल की खबर के अनुसार हॉकिंस ने कहा कि - मैं आश्वस्त हूँ कि तब तक मानव अपने लिए नए घर तलाश लेगा. यह उसके अस्तित्व के लिए अति आवश्यक है.
क्या कहा स्टीफन हॉकिंस ने?
स्टीफन हॉकिंस के शब्दों में - मैं देख रहा हूँ कि इंसानों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. ऐसा पहले भी हुआ है और आज भी हो रहा है. ऐसा आगे भी होता रहेगा जब इंसानों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा. हम इस त्रासदी से बच सकते हैं यदि हम अंतरिक्ष में अपने लिए नए घर तलाश लें. यदि हम मानते हैं कि हम सौरमंडल के सबसे बुद्धिशाली जीव है तो हमें अपने लिए नए घर तलाश लेने चाहिए.
हमारे जीनेटिक कोड में स्वार्थ और आक्रामकता भरी हुई है. यह हमारे अस्तित्व को बचाने में उपयोगी साबित होती आई है. परंतु अगली शताब्दी तक यह खूबी काफी नहीं रहेगी. तब प्राकृतिक प्रलय इतना भयंकर होगा कि हम टिक नहीं पाएंगे.
हमारा भविष्य अंतरिक्ष में है और अभी हमारे पास समय है. अगले 100 वर्षों के भीतर हमें नए घर तलाश लेने हैं. पृथ्वी का मोह अब छोड़ना होगा. हमने पिछले वर्षों के दौरान बहुत प्रगति की है और अब समय है कि हम अंतरिक्ष की तरफ पलायन करें.

