चीन का इरादा 2011 तक अपना स्वदेशी स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थापित करना है. इसके लिए जोर शोर से तैयारियाँ की जा रही है. चीन ने अपने इस स्पेस मॉड्यूल का निर्माण कर लिया है और फिलहाल इसका परीक्षण किया जा रहा है. यह एक मानवरहित स्पेस स्टेशन होगा जिसे 2011 में लॉंच किया जाता है. कैसा होगा यह स्पेस स्टेशन?
यह स्पेस स्टेशन फिलहाल मानवरहित होगा, यानी कि इस स्टेशन पर कोई अंतरिक्षयात्री लम्बे काल तक नहीं रहेगा. इसका वजन 8.5 टन का होगा और इसका नाम तियानगोंग-1 रखा गया है. इस समय इस मोड्यूल की इलैक्ट्रिकल और मैकेनिकल जाँच जारी है. चाईना डेली की खबर के अनुसार चीन की यह परियोजना अत्यंत गुप्त है इसके बारे में काफी सीमित जानकारी ही उपलब्ध हो पा रही है.
परंतु यह तय है कि इस स्पेस स्टेशन को 2011 में किसी समय अंतरिक्ष मे स्थापित किया जाएगा. इस स्टेशन को लोंग मार्च 2एफ रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया जाना है.
चीन नए अंतरिक्षयात्रियों की टीम भी तैयार कर रहा है जिनमें दो महिलाएँ भी शामिल है. चीन का इरादा 2011 में ही इस स्पेस स्टॆशन पर अपना एक अंतरिक्षयान डॉक करना है. यदि वह ऐसा कर लेता है तो अमेरीका और रूस के बाद वह तीसरा ऐसा देश होगा जिसके पास यह तकनीक होगी.
फिलहाल अंतरिक्ष में एक स्पेस स्टेशन है जिसमे अमेरीका, रूस, जापान जैसे देशों की भागीदारी है.
भारत इस क्षैत्र में
भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम कई क्षैत्रों में चीन से आगे और कई क्षैत्रों में काफी पीछे है. भारत रीमोट सेंसिंग और चन्द्रमा के अध्ययन के क्षैत्र में चीन से आगे है. परंतु समानव अंतरिक्ष उड़ान, स्पेस फ्लाइट, स्पेस स्टेशन की स्थापना करना जैसे क्षैत्रों में चीन से पीछे है. भारत का इरादा 2015 तक अपने अंतरिक्षयात्री को अंतरिक्ष में भेजना है. चीन यह 2003 मे ही कर चुका है.

