Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

भारत के दूसरे "मून मिशन" की रूपरेखा

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chandrayaan2भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान यानि इसरो ने अपने दूसरे चन्द्र अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की है. इस अभियान के तहत चन्द्रयान-2 उपग्रह को चन्द्रमा तक भेजा जाएगा. चन्द्रयान-1 की तरह यह उपग्रह भी चन्द्रमा की प्रदक्षिणा करेगा परंतु इसके साथ एक लैंडर और रोवर भी जाएगा जिसे चन्द्रमा की धरती पर उतारा जाएगा.

2013 को भेजे जाने वाले इस मिशन के साथ 5 वैज्ञानिक उपकरण जाएंगे. इस बार के अभियान की सबसे बड़ी विशेषता होगी एक रोबोटिक वाहन जो चन्द्रमा की धरती पर उतरेगा. इस वाहन को उतारने के लिए प्रयुक्त लैंडर रूस से लिया जाएगा और रोवर को भारतीय इंजीनियर बनाएंगे.

चन्द्रयान-2 को पीएसएलवी रॉकेट की बजाय जीएसएलवी लॉंच व्हीकल से भेजा जाएगा. इसके लिए स्वदेशी क्रायोजनिक इंजिन का इस्तेमाल होगा या नहीं यह ज्ञात नहीं है, परंतु सम्भावना यही है कि चन्द्रयान-2 को ले जाने वाले जीएसएलवी यान में स्वदेशी क्रायोजनिक इंजिन ही लगा होगा.

चन्द्रयान-2 उपग्रह 2.6 टन का होगा. इसका लैंडर 1.2 टन का होगा. इसरो ने जिन उपकरणों को चन्द्रयान-2 के साथ भेजने का प्रस्ताव रखा है वे हैं - लार्ज एरिया सोफ्ट एक्सरे स्पेक्ट्रोमीटर, सोलर एक्सरे मोनिटर, एल और एस बैंड सिंथेटिक एपार्चर रडार और टरैन मैपिंग कैमेरा.

पहले दो उपकरण चन्द्रमा की धरती पर मौजूद बड़े पदार्थों का पता लगाएंगे. दूसरे दो उपकरण पानी सहित अन्य पदार्थों का पता लगाएंगे और अंतिम उपकरण चन्द्रमा की धरती का नक्शा तैयार करेगा.

चन्द्रयान-2 के उपकरण तथा रोवर को इसरो के बंगालुरू, तिरूअनंतपुरम और अहमदाबाद सेंटर तैयार करेंगे.
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