भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान यानी इसरो ने कल भारी रॉकेट तरल कोर स्टेज का धरती पर सफल परीक्षण किया है. यह एक महत्वपूर्ण कामयाबी है जो आगे चलकर भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए सक्षम जीएसएलवी एमके 3 रॉकेट बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी.
इसरो ने कहा है कि उनकी टीम ने जीएसएलवी एमके 3 रॉकेट के तरल कोर स्टेज का 200 सेकंड का पूरे समय का टेस्ट किया है जो सफल रहा है. यह परीक्षण तमिलनाडु स्थित महेन्द्रगिरी परीक्षण स्थल पर किया गया. इसरो के द्वारा किया गया इस प्रकार का यह दूसरा परीक्षण है.
इस परीक्षण से उत्साहित इसरो ने कहा कि पूरे उड़ान समय यानी कि 200 सेकंड का यह सफल परीक्षण काफी उत्साहवर्धक है क्योंकि यह परीक्षण सभी आवश्यक 500 सुरक्षा पैमानों पर खरा उतरा है.
क्या होगा इससे?
यह परीक्षण काफी महत्वपूर्ण है. अब इसरो जीएसएलवी का नया आधुनिक संस्करण बना पाएगा जो 4 टन से अधिक वजन के उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित कर पाएगा. इस तरह के उपग्रहों को लॉंच करने का बाज़ार बहुत बड़ा है और इससे काफी कमाई भी हो सकती है.
जीएसएलवी एमके 3 में दो सोलिड स्ट्रेप इन बूस्टर, एक तरल स्टेज और एक क्रायोजनिक स्टेज होता है. यह उपग्रह को जीयोसिंक्रोनस कक्षा तक ले जाता है.
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