क्या कभी ऐसा होगा कि आप मुम्बई से दिल्ली जितनी देर मे पहुँचेंगे उससे कम समय में मुम्बई से न्यूयार्क पहुँच जाएंगे. ऐसा हो सकता है और इसकी कोशिशे भी की जा रही है. नासा के एक कार्यक्रम के तहत एक ऐसा हाईपरसोनिक जहाज बनाने का विचार प्रस्तुत किया गया है जो आवाज की गति से ५ गुना अधिक तेजी से उडेगा.
यह जहाज माक-५ गति से उडेगा और इस तरह से यह जहाज न्यूयार्क से सिडनी की दूरी को मात्र २.५ घंटे मे पूरी कर लेगा. फ़िलहाल यह दूरी २१ घंटे मे तय की जाती है. हालांकि नासा की परियोजना नागरिक उड्डयन के लिए नही बल्कि अंतरिक्ष अभियान के लिए है. नासा की नजर अब मंगल ग्रह पर इंसान को भेजने पर है. परन्तु फ़िलहाल उपलब्ध संसाधनो की मदद से इंसान को भेजकर उसे वापस पृथ्वी तक लेकर आना सम्भव नहीं है.
इसलिए नासा एक ऐसा यान बनाना चाहता तो जिसका बार बार इस्तेमाल किया जा सके और जो आवाज की गति से पांच गुना अधिक तेजी से उडे. इससे अंतरिक्षयात्रियों को मंगल ग्रह पर भेजकर वापस पृथ्वी तक लाया जा सकेगा.
तो फ़िर इस तकनीक का नागरिक उड्डयन के क्षैत्र मे कैसे उपयोग होगा? आम तौर पर ऐसा होता आया है. दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियो के द्वारा की गई खोज को अन्य कम्पनियां तथा सरकारी संस्थाएँ नागरिक उड्डयन तथा अन्य क्षैत्रों मे इस्तेमाल करती आई है. इसलिए नासा यदि माक-५ गति से उडने वाला यान विकसित कर लेता है तो ऐसे ही किसी यान का उपयोग नागरिक उड्डयन के क्षैत्र मे होना तय है.
और यह इतना मुश्किल भी नही है. अब सेवानिवृत हो चुका कोंकर्ड जहाज माक-२ गति से उडान भरता था. दूसरी तरह पिछ्ले दिनो माक-६ गति से उडने वाले एक जहाज का प्रायोगिक परीक्षण भी किया गया था. इसलिए नासा के द्वारा माक-५ गति से उडान भरने वाले जहाज का निर्माण सम्भव है. इसके लिए नासा को अगले कुछ वर्षों तक प्रतिवर्ष ५ मिलियन डॉलर मिलेंगे.

