दशकों से यह सवाल पूछा जाता आ रहा है कि धरती पर पहले अंडा आया या मुर्गी? अब तो यह एक मजाक या चुटकुले के जैसा बन गया है. परंतु सवाल फिर भी अनुत्तरित ही रहा है. लेकिन अब एक नई शोध से इस सवाल का जवाब भी मिल गया है.इस शोध के अनुसार धरती पर पहले मुर्गी का विकास हुआ और बाद में मुर्गी के शरीर में अंडे का विकास हुआ.
यूनिवर्सिटी ऑफ शेफिल्ड और यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक के शोधकर्ताओं ने अपनी शोध के माध्यम से यह साबित किया है कि जीवसृष्टि के विकासक्रम के दौरान मुर्गी सबसे पहले अस्तित्व में आई और फिर अंडे का विकास हुआ.
इस टीम के वैज्ञानिकों ने पाया कि अंडे का खोल बनाने के लिए ओवोक्लिडिन (OC-17) नामक प्रोटीन की आवश्यकता पडती है. यह प्रोटीन गर्भवती मुर्गी के गर्भाशय में तैयार होता है और इससे उसका ऊपरी खोल तैयार होता है.
इस टीम ने एक हाईटेक कम्प्यूटर HECToR के माध्यम से अंडे के खोल की कोषीय सरंचना की जाँच की. उन्होनें पाया कि खोल के निर्माण में OC-17 काफी महत्वपूर्ण पात्र निभाता है. इसकी वजह से मुर्गी के शरीर मे स्थित कैल्शियम कार्बोनेट का कैलसाइट क्रिस्टल में रूपांतरण होता है और अंडे का खोल बनता है. इस मजबूत खोल के अंदर भ्रुण का विकास होता है.
अंडे का उत्सर्जन कर अपनी संतान को जन्म देने वाले पक्षी अलग अलग प्रोटीन के माध्यम से अंडे का खोल तैयार करते हैं, परंतु सभी का काम लगभग एक जैसा होता है.
इस शोध से जुडे डॉ. कॉलिन फ्रीमेन के अनुसार - अब यह साबित हो चुका है कि धरती पर पहले मुर्गी ही आई और उसके शरीर में अंडे का विकास हुआ.
परंतु मुर्गी का उद्भव कैसे हुआ होगा? इस सवाल अभी भी अनुत्तरित है.

