Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

अंधविश्वास बढाता है आत्मविश्वास

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good-luckक्या अंधविश्वास आपके अंदर का आत्मविश्वास बढा सकता है? इसका जवाब "हाँ" है यदि बात "बेस्ट ऑफ लक" की हो रही हो तो. एक नए सर्वे और शोध से पता चला है कि जो लोग "अच्छे नसीब" और 'भाग्यशाली चीजों' पर यकीन रखते हैं वे अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक आत्मविश्वास का अनुभव करते हैं.

डिस्कवरी न्यूज़ की खबर के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोन के शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों का अभ्यास कर इस बात की पुष्टि की. शोधकर्ताओं ने कुछ प्रयोगों के माध्यम से "भाग्यशाली चीजों' का लोगों के मन पर पडने वाले असर की जाँच की.

शोधकर्ताओं का उद्देश्य यह जानना था कि क्या "अच्छे भाग्य" पर विश्वास करने वाले लोग याद रखने, पहेलियाँ सुलझाने, गाड़ी ठीक करने या फिर गोल्फ खेलने में अन्य लोगों की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं?

अपनी शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अन्य लोगों के साथ साथ कुछ ऐसे लोगों को भी चुना जो भाग्य पर यकीन रखते थे. ये लोग या तो अपना "लकी चार्म" या "भाग्यशाली वस्तु" साथ लेकर आए थे या फिर शोधकर्ताओं ने उनको इस प्रकार की "छद्म" चीजें दी जो अच्छा भाग्य साथ लेकर आती है. इसके अलावा इन लोगों को यह भी प्रोत्साहन दिया गया कि आज उनका भाग्यशाली दिन है और वे जो भी करेंगे उसमें सफलता प्राप्त होगी.

शोध से पता चला कि जिन्हें अच्छे भाग्य से संबंधित प्रोत्साहन दिया गया था ऐसे "भाग्य पर यकीन" रखने वाले लोगों ने अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक तेजी से और बेहतर काम किया. उन्होनें गाड़ी को जल्दी ठीक कर लिया, पहेलियाँ भी तेजी से सुलझा दी, उनकी याददास्त भी बेहतर थी और उन्होनें गोल्फ के खेल में भी एकाग्रता का अच्छा प्रदर्शन किया.

दरअसल "अच्छे भाग्य" का प्रोत्साहन उनके अंदर के आत्मविश्वास को इतना बढा देता है कि इससे उन्हें सुखद अहसास होने लगता है, उनकी एकाग्रता बढ जाती है, काम में फूर्ती आ जाती है और इससे उनका प्रदर्शन भी सुधर जाता है.
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