एक नई शोध से पता चला है कि जो दम्पत्ति शारीरिक रूप से सुंदर और स्वस्थ होती है वे आम तौर बेटियों को जन्म देते हैं. लंडन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स के मनोचिकित्सक सातोशी कानाज़ावा ने अपनी शोध के दौरान पाया कि महिलाओं की सुंदरता उनके संतानों का लिंग तय करने में महत्वपूर्ण भाग निभाती है.
इसके लिए सातोशी ने एक सर्वे किया. सातोशी ने 1958 के काल में जन्मी 17000 महिलाओं के आँकडे एकत्र किए. इन आँकडो में उनकी पारिवारिक जानकारी तो थी ही, साथ ही साथ यह भी जानकारी थी कि जब वे लगभग 7 वर्ष की थी तो उनके अध्यापक उन्हें किस श्रेणी में रखते थे - सुंदर या सामान्य. इसके बाद जब वे 45 की उम्र की हुई तब उनकी कितनी संतानें थी और उनका लिंग क्या था इस बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई.
कानाज़ावा ने पाया कि "सुंदर" करार दी गई बालिकाओं में से 84% ने आगे चलकर समान प्रमाण में बालक और बालिका को प्रथम संतान के रूप में जन्म दिया. परंतु "सामान्य" रूपरंग की बालिकाओं ने आगे चलकर अधिकतर "बालक" को ही जन्म दिया.
कानाज़ावा के अनुसार महिलाओं की शारीरिक सुंदरता उनकी संतान का लिंग तय करने में महत्वपूर्ण भाग निभाती है.

