एक पुरानी कहावत है कि बिगडैल पुरूष का विवाह कर दो, वह सुधर जाएगा. परंतु क्या यह सच है? कुछ नई शोधें साबित करती है कि विवाह से पुरूषों के स्वभाव में सुधार आते हैं, और वे अधिक सभ्य बन जाते हैं.
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के एस. अलेक्ज़ेंड्रा बर्ट और उनकी सहयोगियों ने एक शोध के दौरान पाया कि विवाह करने वाले अधिकतर पुरूष स्वभावगत रूप से कम असामाजिक होते हैं और विवाह के बाद वे और भी अधिक सामाजिक बन जाते हैं.
अलेक्ज़ेंड्रा बर्ट के अनुसार - विवाह अच्छे इंसान को और भी बेहतर बनाता है. इससे इंसान सभ्य बन जाता है.
शोध से पता चला कि 17 से 20 वर्ष के सभ्य किशोर आगे चलकर विवाह कर लेते हैं और सुखी दाम्पत्य जीवन बिताते हैं.
यह शोध कुछ जुडवाँ लोगों पर किया गया, जिससे साबित हुआ कि लगभग एक जैसे लोगों पर भी विवाह करने या ना करने का असर जरूर पडता है.

