Wednesday, May 23rd

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

एडवांस्ड इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण, क्या है यह?

Print PDF
aadभारत ने आज ओडिसा के समीप व्हीलर आइलैंड से एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया. पूरी तरह से स्वदेशी इस मिसाइल रोधी प्रणाली ने सुचारू ढंग से कार्य किया है ऐसी जानकारी है.

यह परीक्षण भारत के मल्टी मॉडल मिसाइल डिफेंस सिस्टम का एक भाग है. इसके तहत लम्बी दूरी के लिए पृथ्वी एयर डिफेंस और कम दूरी के लिए एएडी यानी एडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल का उपयोग किया जाना है.

इस तकनीक का सफल परीक्षण करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश है. यह तकनीक अमेरिका, रूस और इज़रायल के पास पहले से है.

कैसा था परीक्षण?
परीक्षण के तहत एक सम्पादित पृथ्वी मिसाइल को चांदीपुर से 10.05 मिनट पर छोड़ा गया. जब यह मिसाइल 70 किलोमीटर की दूरी तक पहुँची तब रडार ने इस मिसाइल की पहचान की और एएडी मिसाइल सिस्टम सक्रीय हो गया.

इसके बाद एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) इंटरसेप्टर मिसाइल छूटी और इसने पृथ्वी को हवा में ही मार गिराया.

वैज्ञानिकों के अनुसार सिस्टम ने ठीक ढंग से कार्य किया है. परंतु इससे पृथ्वी मिसाइल को कितना नुकसान पहुँचा यह अभी देखना बाकी है.

एडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी):
यह एक सिंगल स्टेज मिसाइल होती है जो किसी भी हमलावर मिसाइल को जमीन से टकराने से पहले 30 किलोमीटर दूर हवा में ही मार गिराती है. इस मिसाइल का वजन 1.2 टन होता है और लम्बाई 7.5 मीटर और चौड़ाई 0.5 मीटर की होती है.

भारत ने इस मिसाइल का पहला सफल परीक्षण 6 दिसम्बर 2007 को किया था.

चुँकि भारत ने अब दो सफल परीक्षण कर लिए हैं इसलिए वैज्ञानिकों का इरादा अब इसी तकनीक को और विकसित कर 150 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल रोधी तकनीक विकसित करना है. इसका नाम "अश्विन" रखा गया है.

पृथ्वी एयर डिफेंस:

इस मिसाइल को प्रद्युम्न भी कहा जाता है. यह मिसाइल किसी भी हमलावर मिसाइल की पहचान कर उसे धरती पर टकराने से 80 किलोमीटर पहले हवा में मार गिराती है.

यह मिसाइल दो स्टेज की होती है. पहला स्टेज प्रवाही ईंधन और दूसरा सोलिड ईंधन से चलता है. इस मिसाइल का दिशानिर्देश लोंग रेंज ट्रेकिंग रडार सिस्टम करता है.
BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS