भारत रूस के साथ मिलकर हाईपरसोनिक मिसाइल बनाएगा जो प्रतिसैकंड 6000 किलोमीटर की रफ्तार से वार करेगी. इस मिसाइल को हासिल करने वाला भारत पहला देश बन जाएगा.
खबर है कि रूस के राष्ट्रपति मदादेव की आगामी भारत यात्रा के दौरान इस बाबत एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. समझौते के तहत दोनों देश मिलकर ब्रह्मोस का हाईपरसोनिक संस्करण तैयार करेंगे.
यह मिसाइल 2015 तक बन कर तैयार हो जाएगी ऐसा अनुमान है. इस बीच भारत ने रविवार को उड़ीसा तट के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का एक और परीक्षण किया.
रक्षा सुत्रों के अनुसार यह परीक्षण अंदरूनी जाँच परख के लिए किया गया था. परीक्षण के तहत सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर ब्रह्मोस मिसाइल को प्रक्षेपित किया गया.
ब्रह्मोस ध्वनि की गति से 2.8 गुना अधिक तेजी से उड़ान भर सकती है और अपने साथ 300 किलोग्राम वजनी आयुध ले जाने में सक्षम है. यह 290 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है.
भारत ब्रह्मोस के अलावा स्वदेशी लम्बी दूरी की क्रूज़ मिसाइल भी बनाएगा.
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