एक नए सुरक्षा संबंधित दस्तावेज में दावा किया गया है कि आतंकवादी बिना हवाईजहाज में चढे भी उस पर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं. इस दस्तावेज के अनुसार आज के साइबर अपराधी तकनीकी रूप से इतने सक्षम हो गए हैं कि वे धरती पर बैठे बैठे ही विमान का कम्प्यूटर सिस्टम हैक कर सकते हैं और फिर विमान को कहीं भी गिरा सकते हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून की नेशनल सेक्यूरिटी स्ट्रेटेजी रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादी संगठन और कुछ देशों की सरकारें इन साइबर अपराधियों का उपयोग अपने फायदे के लिए कर सकती हैं. ये साइबर अपराधी ईमेल, सोफ्टवेर वाइरस और ट्रोजन की मदद से यात्री विमानों के नियंत्रण कक्ष तक अपनी पहुँच बना सकते हैं. इससे अब परमाणु केन्द्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी और गैर सरकारी इमारतों के ऊपर 9/11 जैसे हमले होने की सम्भावना पहले से अधिक बढ गई है.
और चुँकि यह करने के लिए आतंकवादियों को विमान में चढने की आवश्यकता भी नहीं है, इसलिए हवाईअड्डों की सुरक्षा नीतियाँ और अधिक मजबूत करने से भी कोई लाभ नहीं होगा. डेली मेल को दिए एक साक्षात्कार में ब्रिटेन के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि - हम हाथ पर हाथ धरकर नही बैठ सकते. और तब तक इंतजार भी नहीं कर सकते जब आसमान में उड रहे विमान एक के बाद एक गिरना शुरू हो जाए.
इसके लिए आवश्यक है कि साइबर अपराधियों का मुकाबला ऐसे लोगों की टीम करे जो इस क्षैत्र की विशेषज्ञ हो और दूसरी तरफ उन देशों की सरकारों को अपने साइबर कानून भी और अधिक कडे बनाने होंगे, जहाँ आतंकवाद का खतरा सबसे अधिक है. भारत भी एक ऐसा देश है.

