ई-रीडर के आविष्कार के बाद से कागज पर लिखावट की जगह स्क्रीन के पिक्सल लेने लग गए हैं. आज अमूमन हर नई और प्रसिद्ध उपन्यासों का ई-संस्करण उपलब्ध होता है जिसे अमेज़न के कींडल अथवा सोनी के ई-रीडर पर पढा जा सकता है. कहा जाता है कि परम्परागत समाचारपत्र और उपन्यासों की जगह ई-रीडर जल्द ही ले लेंगे, और इसकी वजह भी है. ई-रीडर जैसी डिवाइज में एक साथ हजारों किताबें संग्रहित कर रखी जा सकती है और इसका डिस्पले भी कुछ इस तरह का होता है जो आपको वास्तविक उपन्यास के पन्ने जैसा ही अहसास देता है. यह कम चमकीला होता है और अक्षर सुस्पष्ट होते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए ई-रीडर की स्क्रीन को श्वेत-श्याम बना दिया गया है और इससे एक बहुत बड़ी कमी ई-रीडर में आ गई है. कमी यह है कि यदि कोई पृष्ठ पर चित्र दिखाने की आवश्यकता हो तो वह ई-रीडर पर कैसे दिखाया जाए?
अमेजन के कींडल जैसे ई-रीडर में रंगीन चित्र दिखाने की सुविधा नहीं है, लेकिन यह कमी एक अन्य ई-रीडर जल्द ही पुरा करने वाला है. एंटोरेज कम्पनी के द्वारा बनाया गया eDGe नामक ई-रीडर में परम्परागत ई-रीडर और आधुनिक कम्प्यूटर स्क्रीन का मिश्रण होगा.
इस ई-रीडर में एक नहीं बल्कि दो स्क्रीन होगी और दोनों आपस में जुड़ी रहेंगी. इस ई-रीडर को एक किताब की तरह खोला जा सकेगा. खोलने पर दो स्क्रीन दिखाई देगी - बायीं स्क्रीन श्वेत - श्याम परम्परागत ई-रीडर स्क्रीन ही होगी परंतु दायीं स्क्रीन लिक्विड क्रिस्टल स्क्रीन होगी जो अधिक चमकीली होगी तथा उस पर रंगीन चित्र देखे जा सकेंगे.
उपयोग:
इस ई-रीडर ने एक नया अध्याय शुरू किया है. अब किसी भी ग्राफिक नोवल या ऐसी पाठ्यपुस्तकों को भी ई-रीडर पर पढना सम्भव हो गया है जिनमें चित्र दिखाए गए हों. यह कुछ इस तरह से काम करेगा. जब भी प्रयोक्ता किसी किताब को लोड करेगा तो उस किताब का विवरण बायीं सक्रीन पर आएगा और संबंधित चित्र की कड़ियाँ भी. कड़ी पर क्लिक करने पर चित्र स्वत: ही दायीं सक्रीन पर लोड हो जाएगा.
यही नहीं इस रंगीन स्क्रीन पर वीडियो भी देखे जा सकेंगे. इसके अलावा इसमें ऑडियो रिकार्डिंग और कैमेरे की सुविधा भी है. यह ई-रीडर गूगल के एंड्रोइड ओपरेटिंग सिस्टम पर चलता है, जिससे इसके लिए अप्लिकेशनें भी बनाई जा सकेंगी.
इस ई-रीडर की कीमत करीब 25000 रूपए होगी और यह अगले वर्ष फरवरी तक बाज़ार में आएगा.

