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अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

ब्लैकबेरी कैसे काम करता है? कहाँ है समस्या?

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blackberry1999 में रिसर्च इन मोशन नामक कम्पनी ने ब्लैकबेरी डिवाइज़ को लॉंच किया था तब इस समय से पहले आई तकनीक के रूप में चिह्नित किया गया था. पहले साल मात्र 25000 डिवाइज़ें बिकी थी.

स्वयं रिसर्च इन मोशन ने स्वीकार किया था कि बिक्री उनकी उम्मीद से काफी कम हो रही है. परंतु आगामी कुछ वर्षों में परिदृश्य तेजी से बदला और ब्लैकबेरी उद्योगपति, व्यापारियों, प्रोफेशनल व्यक्तियों और अब आम आदमी की भी जरूरत बन चुका है.

क्या है ब्लैकबेरी?
ब्लैकबेरी एक एक हेंडहेल्ड [हाथ में पकडकर उपयोग में ली जा सकने वाली] वायरलेस डिवाइज है जिसे पीडीए यानी पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट कहा जा सकता है. परंतु इसकी तकनीक अन्य पीडीए डिवाइजों से अलग और उन्नत है.

ब्लैकबेरी ओनलाइन कम्प्यूटिंग को आसान बनाता है. यह सेवा एंटरप्राइज श्रेणी के एक्सचेंज सिस्टम से आँकडे प्राप्त कर उसे हेंडहेल्ड डिवाइज पर प्रदर्शित करता है और सही मायनों में क्लाउड कम्प्यूटिंग की सुविधा प्रदान करता है.

ब्लैकबेरी का निर्माण आम पीडीए के तौर पर नहीं हुआ है. आम पीडीए मिनी डेस्कटाप पीसी की तरह काम करते है जहाँ ऑफिस के लिए उपयोगी सोफ्टवेर होते हैं और वे ईमेल आदि की अतिरिक्त सुविधा भी देते है. परंतु ब्लैकबेरी को ईमेल और कैलेंडर सुविधा केन्द्रीत बनाया गया है. इस डिवाइज से प्रेषित डेटा इंस्क्रीप्ट मोड में जाते हैं और गुप्त रहते हैं. इस डिवाइज के साथ मोबाइल वायरलेस सुविधा यानी मोबाइल फोन सुविधा भी जुड़ी हुई है.

ब्लैकबेरी डेस्कटाप रीडायरेक्शन की मदद से व्यक्तिगत कम्प्यूटर अथवा ऑफिस नेटवर्क के साथ सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है और इससे व्यक्ति "मोबाइल" रहते हुए भी अपनी ऑफिस के साथ जुड़ा रहता है.

कैसे काम करती है यह डिवाइज?
ब्लैकबेरी को सबसे पहले लोकल पीसी या ऑफिस नेटवर्क के साथ सिंक्रोनाइज करना होता है. इसके लिए ब्लैकबेरी डिवाइज को यूएसबी केबल कनेक्शन के जरिए लोकल सिस्टम से जोड दिया जाता है. इसके बाद प्रयोक्ता अपने ईमेल, कैलेंडर तथा अन्य उन सभी चीजों को ब्लैकबेरी से जोड देता है जो पीसी से ब्लैकबेरी और ब्लैकबेरी से पीसी तक जा सकती है. यह कार्य मात्र एक बार करना होता है. परंतु यदि ब्लैकबेरी से किसी कारणवश सभी सेटिंग निकल जाए या कोई सोफ्टवेर अपडेट करना हो तो फिर से सिंक्रोनाइजेशन करना आवश्यक होता है.

पुश तकनीक:
जब ब्लैकबेरी सोफ्टवेर को इंस्टाल किया जाता है तो एक डेस्कटाप रिडायरेक्शन सोफ्टवेर कोंफिगर हो जाता है. इससे ब्लैकबेरी डिवाइज ब्लैकबेरी एंटरप्राइज़ सर्वर के साथ सिंक्रोनाइज़ होती रहती है. ब्लैकबेरी एंटरप्राइज़ सर्वर किसी भी नए ईमेल, कोंटेक्ट अपडेट, कैलेंडर अपडेट आदि को इंटरनेट तथा मोबाइल नेटवर्क की मदद से ब्लैकबेरी डिवाइज तक पहुँचाता रहता है.

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इसे इस तरह से समझें - जब भी पीसी या ब्लैकबेरी डिवाइज में इंस्टाल सोफ्टवेर जो कि आपस में सिंक्रोनाइज़्ड है, में बदलाव होता है तो डेस्कटाप रिडायरेक्टर इसे भाँप लेता है. इसके बाद वह आँकडो को सिंक्रोनाइज़ करता है और उसे ब्लैकबेरी से पीसी या पीसी से ब्लैकबेरी में भेजता है. बीइएस [ब्लैकबेरी एंटरप्राइज़ सर्वर] इसके लिए TCP और HTTP प्रोटोकोल की मदद लेता है.

कैसे काम करती है ब्लैकबेरी ईमेल सेवा?
चरण 1 : रमेश अपनी ब्लैकबेरी डिवाइज़ से सुरेश को ईमेल प्रेषित करता है. रमेश की डिवाइज़ से यह संदेश इंस्क्रीप्टेड मोड में ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर तक जाता है.

चरण 2 : ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर इस संदेश को डिकोड कर ईमेल सर्वर तक भेजता है.

चरण 3 : ईमेल सर्वर से यह संदेश आगे प्रेषित होता है और वापस ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर तक जाता है.

चरण 4 :
ब्लैकबेरी एंटरप्राइज सर्वर संदेश को फिर से इंस्क्रीप्ट कर सुरेश की ब्लैकबेरी डिवाइज़ तक भेजता है.

चरण 5 : सुरेश की ब्लैकबेरी डिवाइज़ संदेश को ग्रहण कर उसे डिकोड कर प्रदर्शित करती है.

समस्या कहाँ है?
भारत सहित अनेक देशों की सरकारों की चिंता इस मसले को लेकर है कि यदि कोई दो व्यक्ति ब्लैकबेरी डिवाइजॉं से संदेश या ईमेल भेजते हैं तो वे उन संदेशों को बीच में ही पढ नहीं पाते. चुँकि ये संदेश इंस्क्रीपटेड होते हैं इसलिए इन्हें पढना सम्भव नहीं होता.

सुरक्षा एजेंसियों की पहुँच ईमेल सर्वर और मोबाइल नेटवर्क तक हो सकती है, परंतु वहाँ भी यह पता नहीं चलता कि संदेश किस व्यक्ति ने भेजा है.

अब ब्लैकबेरी कुछ देशों को यह सुविधा देने को तैयार हो गया है जिससे प्रयोक्ताओं द्वारा भेजे जा रहे ईमेल के साथ कुछ विशेष मेटाडेटा भी प्रेषित होंगे जिससे ईमेल सर्वर पर यह पता चल पाएगा कि संदेश कौन भेज रहा है.

परंतु अभी भी मामला पूरी तरह से सुलझा नहीं है.


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