Wednesday, May 23rd

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

कम्प्यूटर के लिए पुरूषों की बजाय महिलाओं को समझना आसान

Print PDF
voice-recognisationलेकिन तभी तक जब तक बात वोइस रिकग्नाइज़ेसन या आवाज़ पहचान की हो रही हो. एक शोध से पता चला है कि आवाज़ को पहचान कर कार्य करने वाले कम्प्यूटर पुरूषों की बजाय महिलाओं की आवाज को अधिक अच्छी तरह से परख पाते हैं. एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अपने परीक्षण में पाया कि ऐसे कम्प्यूटर पुरूषों के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने में अपेक्षाकृत अधिक कठिनाई महसूस करते हैं.

अपने अभ्यास के लिए इस संस्थान के वैज्ञानिकों ने कुछ फोन कॉल्स का सहारा लिया और यह देखा कि आवाज़ पहचान ने वाले कम्प्यूटर सिस्टम उन वार्तालापों में से कितना समझ पाते हैं? वैज्ञानिकों ने पाया कि ये कम्प्यूटर सिस्टम पुरूषों की आवाजों को पहचान कर समझ पाने में निष्फल हो जाते हैं.

इसके कुछ वजहें हैं - एक तो यह कि पुरूषों की आवाज महिलाओं की अपेक्षा भारी होती है और इससे उच्चारण उतना स्पष्ट नहीं रह जाता. कम्प्यूटर कई शब्दों को समझ नहीं पाता या फिर दो शब्दों के बीच भेद नहीं कर पाता. इसके अलावा पुरूष बोलते समय 'अरे", "अ:", "हम्म" आदि शब्दों का काफी उपयोग करते हैं और इससे इस तरह के कम्प्यूटर सिस्टम के लिए मूल वार्तालाप को समझ पाना कठीन हो जाता है.

अंग्रेजी के कुछ शब्द भी एक जैसे लगते हैं और इससे भी कठिनाई पैदा होती है. उदाहरण के लिए "I saw him" और "I saw them" में भेद कठीन है. परंतु महिलाओं के लिए 'I saw her" का उपयोग होता है इसकी अलग पहचान कर पाना सरल होता है.

हर इंसान की आवाज़ अलग अलग होती है और इसलिए आवाज़ को पहचान ने लायक पूर्ण सक्षम सिस्टम तैयार करना काफी कठीन है. परंतु इस दिशा में प्रयोग और संशोधन जारी है और इस तरह की शोधें इसमें सहायता कर रही है.
BLOG COMMENTS POWERED BY DISQUS