Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

3डी फिल्म, 3डी टीवी; और अब 3डी अख़बार

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3d-newsअवतार ने 3डी फिल्मों के लिए राह और आसान कर दी. इस फिल्म की अपार सफलता ने त्रिआयामी दुनिया को दर्शकों के और करीब ला दिया और कई इलैक्ट्रोनिक सामान बनाने वाली कम्पनियों ने 3डी टेलीविजन लॉंच करने की योजना बना ली. अब सोनी सहित कई कम्पनियाँ 3डी टीवी लेकर आ रही हैं.

यही नहीं अब 3डी समाचारपत्र भी एक वास्तविकता है. बेल्जियम में फ़्रेच भाषा में छपने वाले एक समाचारपत्र ला डार्नियर ह्यूर ने यूरोप का पहला 3-डी अंक प्रकाशित किया है. हालाँकि इस समाचारपत्र के सभी अंक त्रिआयामी नहीं होंगे परंतु प्रयोगिक स्तर पर एक अंक 3डी में प्रकाशित किया गया है.

इस अंक में छपी सभी तस्वीरें और विज्ञापन थ्रीडी प्रारूप में प्रकाशित की गई हैं जिन्हें देखने के लिए मोटे कागज़ से बने हुए चश्मे की मदद लेनी पड़ती है.

ला डार्नियर ह्यूर के संपादक ह्यूबर्ट लेकलर्क के अनुसार पाठकों की रूची बनाए रखने के लिए यह प्रयोग किया गया है. परंतु इस तरह के विशेषांक को लगातार छापना सम्भव नहीं है क्योंकि यह बहुत खर्चीला है.

इस अंक को तैयार करने में दो महीने का समय लगा जो कि सामान्य समय से काफी अधिक है. लेकिन यह एक चुनौती थी जिसे इस समाचारपत्र के प्रबंधकों ने स्वीकार किया. सम्पादक के अनुसार  - हमने 3-डी सिनेमी, टीवी और वीडियो गेम के बारे में सुना था इसलिए हमने यह चुनौती स्वीकार की.

कितना कारगर?
इस समाचारपत्र का यह प्रयोग आंशिक रूप से सफल रहा है. इस विशेष अंक को पढने के लिए विशेष चश्मे दिए गए हैं परंतु समीक्षकों के अनुसार इस अंक को आँखों से 50 सेंटीमीटर की दूरी पर रखने पर इसे बिना चश्मे के भी पढा जा सकता है. आँखें जल्द ही थ्रीडी तस्वीरों को देखने की अभ्यस्त हो जाती हैं. इसके लिए किसी विशेष तरह के चश्मे की ज़रूरत नहीं होती.

कुछ तस्वीरों में जरूर थ्रीडी प्रभाव दिखाई देता है परंतु बाकी की तस्वीरें अस्पष्ट हैं.

मतलब यह कि अभी राह काफी लम्बी है, परंतु शुरूआत तो हो चुकी है.
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