अफ्रीका के उन देशों में जहाँ लोग अब अभावग्रस्त जीवन के आदी हो चुके हैं, वहाँ उनका पसंदीदा खेल उनकी जिंदगी को बदल सकता है. फुटबॉल अफ्रीका के लोगों का पसंदीदा खेल है. वहाँ के बच्चे फुटबॉल खेलना बेहद पसंद करते हैं. जिन इलाकों में ना तो पानी है और ना ही बिजली वहाँ के बच्चों के लिए फुटबॉल ही मनोरंजन का एकमात्र माध्यम है. और अब एक नई तकनीक से यह माध्यम उनके भविष्य को उज्जवल बनाने में उपयोगी साबित होगा. विश्वकप का आयोजन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के गाँवों में इस विशेष फुटबॉल का परीक्षण किया जाना है. यह फुटबॉल बिजली उत्पन्न करता है और इससे एक सीएफएल लाइट जल सकती है और मोबाइल फोन भी चार्ज हो सकते हैं.
हावर्ड विश्वविद्यालय की 4 छात्राओं द्वारा विकसित यह फुटबॉल आम फुटबॉल जैसा ही दिखता है. बाहर से कोई बदलाव नहीं है परंत अंदर काफी कुछ नया है. sOcckets नामक इस फुटबॉल के भीतर एक कोइल और एक चुम्बक वाली गेंद है. जब फुटबॉल को किक मारी जाती है और वह इधर उधर लुढकता है तो उसके अंदर स्थित गेंद भी तेजी से कोइल के आसपास घुमने लगती है और इससे ऊर्जा उत्पन्न होती है.
15 मिनट के खेल से ही इतनी ऊर्जा तैयार हो जाती है कि उससे एक सीएफएल लाइट 3 घंटे तक जल सकती है. इतना समय अफ्रीकी बच्चों के लिए अपनी पढाई करने के लिए काफी है. बच्चे शाम के समय खेल खेलने के बाद अंधेरा घिरने पर अपने फुटबॉल के माध्य्म से ही लाइट जलाकर पढाई कर सकते हैं.
इस फुटबॉल का विकास करने वाली टीम की सदस्य जेस्सिका लिन के अनुसार - फुटबॉल एक ऐसा खेल है जो अफ्रीका के बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी खेलते हैं. लोग पूरे दिन घंटों यह खेल खेलते रहते हैं. क्यों ना इसका उपयोग उनका जीवन सँवारने में किया जाए.
द टेलिग्राफ की खबर के अनुसार हाल ही में जब दक्षिण अफ्रीका में इस फुटबॉल का परीक्षण किया गया तो इसने काफी अच्छा काम किया. बच्चे इसे "जादूई गेंद" कहते हैं. वाकई यह किसी जादू से कम भी नहीं.

