ऐसा हो सकता है कि जब आप जोगिंग कर रहे हों तो आपके जेब में रखा मोबाइल रिचार्ज हो रहा हो. ऐसा भी हो सकता है कि आपके घर की खिडकियों पर लगे पर्दे बिजली (इलैक्ट्रिसिटी) तैयार कर रहे हों और उससे घर की बत्तियाँ और टीवी भी चल रहे हों. ऐसा हो सकता है यदि एक नई तकनीक पर और अधिक शोध हो और उसका वाणिज्यिक इस्तेमाल शुरू हो.दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक लचीली और पारदर्शी कार्बन एटम फिल्म बनाई है जो सोलर सेल की तरह काम कर सकती है. शोधकर्ताओं के अनुसार इस फिल्म के माध्यम से सौर ऊर्जा का इलैक्ट्रिसिटी में रूपांतरण किया जा सकता है.
एसीएस नेनो जर्नल की खबर के अनुसार इस फिल्म के ओर्गेनिक फोटोवाल्टिक सेल का उत्पादन खर्च काफी कम है और इसका उत्पादन भी आसान है. ये हल्के हैं और किसी भी लचीली सतह के साथ मिल सकते हैं. इस फिल्म में पारदर्शी कंडक्टिव इलैक्ट्रोड लगे हैं जिससे जब सूरज की किरणें हिलडुल रहे कपड़े के ऊपर गिरती है तो इलैक्ट्रिसिटी तैयार होती है. एक शोधकर्ता के अनुसार प्रति 1 वर्गमीटर सिलिकोन सोलर सेल पर सूरज की किरणों का 1000 वॉट, 14 वॉट बिजली पैदा कर सकता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार इस तकनीक का व्यापक उपयोग सम्भव है. इसे कपडों पर लगाया जा सकता है, घर के पर्दों पर लगाया जा सकता और यहाँ तक कि इस तकनीक का व्यापारिक उपयोग भी सम्भव है. एक उदाहरण देते हुए एक शोधकर्ता ने बताया कि यदि कोई प्रिंटिंग प्रेस किसी बडे इलाके में इस तरह के कम खर्चीले सोलर सेल लगा दे तो उससे उत्पन्न बिजलई से प्रिंटिंग प्रेस तक चल सकती है.

