अमेरिका के ऐसे लोग जो बोल-सुन नहीं पाते वे भी अब अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सामने वाले व्यक्ति के साथ आसानी से बात कर पाएंगे. परन्तु इसके लिए जरूरी होगा कि वे जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं उसे संकेतों की भाषा आती हो.अमेरीकी शोधकर्ताओ6 ने एक नई तकनीक विकसित की है जिसके माध्यम बोल ना सकने वाले लोग अपने हाव भावों और हाथों के संकेतों का लाइव वीडियो आगे प्रेषित कर पाते हैं. सामने वाले व्यक्ति को उसके मोबाइल फोन की स्क्रीन पर वह वीडियो दिखता है और वह भी उसका प्रतिउत्तर इसी प्रकार से दे पाता है. इस तरह से दो व्यक्ति ठीक उसी तरह से बात कर पाते हैं जैसे कि आम लोग करते हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के इंजीनियरों ने मोबाइलएएसएल नामक सोफ्टवेर विकसित किया है जो वीडियो सिग्नल को कम्प्रेस कर आगे प्रेषित करता है. इसकी वीडियो प्रेषित करने की गति 30 KBPS की होती है. जिससे की डेटा ट्रांसफर के दौरान अधिक खर्च ना हो. इसके अलावा इसमें एक और सुविधा है जो कि मोशन डेटेक्शन तकनीक पर आधारित है. यानी कि जब कोई व्यक्ति कोई हावभाव ना दिखा रहा हो तो यह सिस्टम वीडियो कैप्चर करना और उसे प्रेषित करना बंद कर देता है और इससे डेटा यूज़ नहीं होता.
इससे धीमे नेटवर्क कनेक्शन पर भी काम हो जाता है और मोबाइल की बैटरी भी कम खर्च होती है. परीक्षणों के दौरान इस सिस्टम ने अच्छा काम किया है और लोगों ने इस सिस्टम का उपयोग करने के बाद संतुष्टि जाहिर की है.
अब तक जो लोग बातचीत करने के लिए केवल एसएमएस का ही सहारा ले पाते थे या फिर ईमेल करते थे वे भी अब आम लोगों की तरह सीधे बात कर पाएंगे. इससे उन्हें एक बड़ी सुविधा प्राप्त होगी.

