जहाँ चाह वहाँ राह. इस कहावत को चरितार्थ किया है क्विंसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलोजी के दो नैत्रहीन तकनीकविदों ने. जैम्स टेह और माइकल कर्रान की जोड़ी ने एक मुफ्त ऑपन सोर्स प्रोग्राम बनाया है जो नैत्रहीन लोगों के लिए कम्प्यूटर का संचालन एकदम आसान बना देता है.
इस जोड़ी ने जो प्रोग्राम तैयार किया है उसकी मदद से नैत्रहीन लोग कम्प्यूटर स्क्रीन पर माउस को घुमाते हुए यह जान सकते हैं उनका कर्सर कहाँ है. जब कर्सर कम्प्यूटर सक्रीन पर घुमता है तो पीछे से एक सिंथेटिक आवाज़ आती रहती है जो यह बताती है कि कर्सर कहाँ घुम रहा है. उदाहरण के लिए विंडोज़ के स्टार्ट मेनु पर कर्सर के आते ही, "स्टार्ट" ऐसी आवाज़ आ जाती है. यही नहीं कर्सर के ऊपर की तरफ जाने पर आवाज की गहराई बदल जाती है जिससे नैत्रहीन व्यक्ति को पता चलता रहता है कि उसका कर्सर स्क्रीन पर किधर जा रहा है.
इस बारे में जैम्स टेह का कहना है कि - "आज आईटी का जमाना है और हर व्यक्ति के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल करना आवश्यक सा हो गया है. कम्प्यूटर हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है. इसलिए नैत्रहीन व्यक्ति भी इस क्रांति से अछूते ना रहें यह जरूरी है."
जैम्स और माइकल का बनाया यह प्रोग्राम छोटा है और इसे इंस्टाल करने की भी जरूरत नहीं पडती. इसे यूएसबी ड्राइव में डालकर कहीं भी ले जाया जा सकता है. NVDA (Non Visual Desktop Access) नामक यह प्रोग्राम नैत्रहीन व्यक्ति के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल देख सकने वाले व्यक्ति के जितना ही सरल बना देता है.
टेह और कर्रान का इरादा भविष्य में इस प्रोग्राम को और अधिक विकसित कर टचस्क्रीन सुविधा सम्पन्न बनाना है. फिलहाल इस प्रोग्राम को 27 भाषाओं में अनुवादित किया जा चुका है और इसके लिए स्वयंसेवकों ने सहायता की है. इस प्रोग्राम को यहाँ से डाउनलोड किया जा सकता है.

