2010 तकनीक के क्षैत्र में कई क्रांतियाँ लेकर आया. एपल आईपैड से लेकर चीन के सुपरकम्प्यूटर और निजी कम्पनी के द्वारा स्पेस कैप्सुल को अवकाश में भेजकर वापस लौटाना इनमें से कुछ बडी उपलब्धियाँ रही. 2011 का वर्ष भी इससे अछुता नहीं रहेगा. आगामी वर्ष भी कई नई तकनीकें जन्म लेंगी. कुछ ज्ञात है और कुछ के बारे में फिलहाल जानकारी उपलब्ध नही है. परंतु फिर भी नए वर्ष हम इन तकनीकों और उत्पादों का बेसब्री से इंतजार करेंगे.
3जी:
बीएसएनएल अरसे से 3जी सेवा दे रही है परंतु वह उसे भुना नहीं पाई (या नहीं चाहती) और अब इस क्षैत्र में निजी सैल्यूलर कम्पनियाँ भी आ गई हैं. टाटा डोकोमो ने अपनी 3जी सेवा शुरू भी कर दी है. परंतु 2011 में इसका असली रूप सामने आएगा जब लगभग सभी कम्पनियाँ (जिनके पास लाइसेंस है) इस सेवा को शुरू कर देंगी. तब प्रतिस्पर्धा बढेगी और ग्राहकों को लाभ होगा.
क्रोम ओएस:
गूगल के क्रोम ब्राउजर ने आंशिक सफलता हासिल की है और अब इंतजार है क्रोम ओएस का. क्रोम ओएस को इस वर्ष क्रिसमस के मौके पर जारी होना था परंतु अभी तक यह उत्पाद तैयार नहीं हो पाया है. गूगल का इरादा इसे अगले वर्ष मध्य तक जारी करना है. यह क्रोम ब्राउजर का ही विस्तृत स्वरूप होगा जो पहले नेटबुक पीसी के लिए बनाया जा रहा है.
नए टेबलेट:
एपल के आईपैड ने धूम मचा दी है और सैमसंग गैलेक्सी टेब भी लोकप्रियता हासिल कर रहा है. परंतु एक बाधा है और वह है कीमत. भारतीय बाजार में इसका बडा महत्व है. परंतु आब डेल, आसुस और रिम से लेकर कई देसी विदेशी कम्पनियाँ अपना टेब पीसी ला रही हैं. 2011 में प्रतिस्पर्धा बढने से कीमतें कम हो सकती है.
गूगल मी या गूगल +1 या?
नाम अभी तय नहीं है परंतु यह तय है कि गूगल फेसबुक की काट के लिए एक नया सोश्यल नेटवर्क बना रहा है जो ओर्कुट से बेहद अलग होगा. गूगल फिलहाल इसकी जाँच कर रहा है और गूगल की कुछ सेवाओं जैसे कि न्यूज़ और गूगल डॉक्स में कभी कभी कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है जो आम तौर पर नहीं दिखता.. यह वह पल होता है जब गूगल के इस नए सोश्यल नेटवर्क की हल्की से झलक दिखती है.
क्लाउड कम्प्यूटिंग का जमाना:
पश्चिमी देशों में यह आ चुका है और भारत में भी धीरे धीरे ही सही परंतु इसका चलन बढा है और आगे और तेजी से बढने वाला है. आप धीरे धीरे अपनी फाइलें ओनलाइन किसी सर्वर पर ही सेव करेंगे और कहीं से भी काम करेंगे. प्रोजेक्ट पर एक साथ कई जगहों से एक ही समय पर काम होगा (और हो भी रहा है).
नए हार्डवेर:
परम्परागत हार्डडिस्क 3 टेराबाइट की होगी और वह भी आपके बजट में. इसके अलावा 6 गीगाबिट प्रति सैकंड साटा ड्राइव कनेक्टिविटी स्टैंडर्ड भी सर्व सुलभ होगा जिससे तेजी से काम होगा. वायरलैस स्टेंडर्ड 802.11एन होगा इससे वायरलैस नेटवर्क की गति वायर वाले कनेक्शन की गति के समकक्ष होगी.
नए स्मार्टफोन:
अब आईफोन और ब्लैकबेरी से इतर भी सोच सकते हैं और 2011 में आपकी सोच को और भी बल मिलेगा. बाज़ार में आपकी पसंद के, बजट के, और सुविधाओं से भरे नए स्मार्टफोन आसानी से उपलब्ध होंगे.

