अनगिनत सोश्यल नेटवर्किंग साइटें, चैट मोड्यूल, ईमेल खाते, डीमेट खाते और जाने क्या क्या. यदि आप अलग अलग वर्ग की साइटों के लिए अलग अलग पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं (जो कि हितावह है) तो आपके लिए कठीनाई यह हो जाती है कि इन्हें याद कैसे रखा जाए. परंतु अब यह कठीनाई दूर हो सकती है. साउथम्टन यूनिवर्सिटी की एक छात्रा सारा एलौतेबी ने अपने मास्टर डिग्री अभ्यास के लिए जो प्रोजेक्ट बनाया है उससे यह समस्या दूर हो जाती है.और यह प्रोजेक्ट इतना सफल साबित हुआ है कि अब इसके वाणिज्यिक इस्तेमाल की कोशिशें की जा रही हैं और जानकारों का मानना है कि इस तकनीक की मदद से सारा लाखों डॉलर कमा सकती है.
क्या है यह तकनीक?
सारा ने फिंगरआईडी नामक सोफ्टवेर तैयार किया है जो कि ओनलाइन है. आपको यहाँ पंजीकृत होना होता है और उसके बाद अपने सभी ओनलाइन खातों की जानकारी जैसे कि यूज़रनेम और पासवर्ड डालने होते हैं. इसके बाद आपको अपनी ऊंगली के निशान स्कैन करने होते हैं. इसके बाद आपको जब भी किसी साइट पर लोगिन होना हो तो उस साइट को खोल कर फिंगरआईडी द्वारा दिए गए डिवाइज़ पर अपनी ऊंगली रखनी होती है और आप तुरंत ही लोगिन हो जाते हैं.
इस सुविधा का 100 लोगों के साथ परीक्षण किया गया और नतीजे उत्साहवर्धक मिले. सारा के अनुसार - यह सेवा लोगों को अपनी ऊंगली को ही पासवर्ड बनाने की सुविधा देती है. उन्हें अब हर साइट के लिए बनाया गया पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं रहती. इससे लोग आराम से अपने अपने बैंक खातों में लोगिन हो सकते हैं और उन्हें यह चिंता भी नहीं रहती कि उनका पासवर्ड चोरी हो जाएगा.

