दिन के समय भी यदि किसी इमारत के अंदरूनी भाग में अंधेरा रहता हो तो कृत्रिम रोशनी आवश्यक हो जाती है. परंतु यदि इमारत की दिवारों में से ही सूर्यप्रकाश छन कर अंदर आने लगे और इमारत में रोशनी हो जाए तो फिर कृत्रिम रोशनी की आवश्यकता ही नहीं रहती और बिजली और ईंधन की बचत हो सकती है. इटाली की एक वास्तुशिल्प कम्पनी ने यही सोच कर एक नई तकनीक से पारदर्शी सीमेंट बनाई है.इस सीमेंट से बनी दिवारें आंशिक रूप से पारदर्शी हो जाती हैं और इससे सूर्यकीरणें इमारत के अंदर दाखिल हो जाती हैं. यह एक नया पदार्थ है जिसे आई.लाइट नाम दिया गया है. सीमेंट की तरह ही व्यवहार करने वाले इस पदार्थ में 2-3 मिमी के छेद होते हैं जिसमें से सूर्यप्रकाश आरपार जा सकता है. यदि इस पदार्थ का इस्तेमाल इमारत बनाते समय किया जाए तो इससे काफी लाभ हो सकता है.
दूर से देखने पर आम कोंक्रिट की तरह ही दिखने वाली दिवारों के भीतर अत्यंत छोटे छिद्र बन जाते हैं और सूर्य प्रकाश उन छिद्रों में इमारत के अंदर जा पाता है. यदि इस पदार्थ का इस्तेमाल कुछ अमुक जगहों पर ही किया जाए तो रोचक डिजाइन पैटर्न भी बन सकता है.
शंघाई वर्ल्ड एक्सपो के दौरान इटाली के पैवेलियन को इसी तकनीक के आधार पर बनाया गया था और इस पैवेलियन को देखने वालों ने इसकी काफी सराहना की.
यह पारदर्शी सीमेंट प्लास्टिक रेज़िन से बना है और इसका निर्माण खर्च ओप्टिकल फायबर से बने इसी प्रकार के अन्य सीमेंट से काफी कम आता है.

