Monday, Feb 13th

अंतिम अपडेट:04:05:04 AM IST

अब चैट बनी भावनात्मक, वर्चुअल अहसास हुआ सम्भव

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ifeel-imसंचार और बातचीत तब तक सफल नहीं मानी जा सकती जब तक की उसके साथ भावनाएँ ना जुड़ी हुई हों. और किसी को छूकर भावनाएँ प्रगट करने से उसका असर और भी बढ जाता है. आज के जमाने में एसएमएस, ईमेल, चैट आदि के माध्यम से बातचीत की जाती और इन ओनलाइन माध्यमों की वजह से लोगों की निकटता बढती जा रही है. परंतु उसमें कहीं ना कहीं भावनात्मक पहलूओं पर से ध्यान हटता जा रहा है.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इंटरनेट चैट या बातचीत अब और भी भावनात्मक होगी क्योंकि अब चैट कर रहे प्रयोक्ता एक दूसरे को छू सकेंगे, आभासी रूप से ही सही. जापान के एक वैज्ञानिक ने एक ऐसा रोबोट बनाया है जो 9 तरह की भावनाओं का वर्गीकरण कर सकता है और उसका अहसास प्रयोक्ता को दे सकता है. iFeel-IM नामक रोबोट जिन भावनाओं की पहचान कर सकता है उनमें शामिल हैं खुशी, डर, ईच्छा, गुस्सा, दुख आदि.

कैसे काम करता है यह रोबोट?
तोयोहाशी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलोजी के सहायक प्रोफेसर डीमेत्री सेसेरूकोउ ने पाँच साल की कड़ी मेहनत के बाद यह रोबोट बनाया है. iFeel-IM नामक इस रोबोट में कई सेंसर और कई मोटरें लगी हुई हैं. इस रोबोटिक डिवाइज को कई पट्टियों के सहारे शरीर से लगाया जा सकता है. यह रोबोट कम्प्यूटर पर चल रही बातचीत को पढकर उस हिसाब से आभास प्रदान कर सकता है. उदाहरण के लिए यह रोबोट शरीर को हल्के से दबा सकता है, गर्माहट प्रदान कर सकता है, दिल की धड़कन बढने का अहसास दे सकता है, गले मिलने का अहसास दे सकता है तथा रोंगटे खडे हो जाने का अहसास भी दे सकता है.

इस रोबोट को बनाने वाले डीमेत्री सेसेरूकोउ का कहना है कि - अब हम कम्प्यूटरकृत संचार माध्यमों जैसे कि एसएमएस, ईमेल, ट्विटर आदि का अधिकाधिक प्रयोग करने लग गए हैं. लेकिन इससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं पाते. यह रोबोट इसी खाई को पाटता है.

इस रोबोट को बनाने वाले वैज्ञानिक इसके मैकेनिज़्म में सेक्स संबंधित तकनीक भी जोड़ना चाहते थे, परंतु बाद में इस विचार को त्याग दिया गया.

इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि इस फीचर को जोड़ देने से इस रोबोट के मुख्य उद्देश्य से ध्यान हट जाएगा और यह एक और सेक्स खिलौना बन कर रह जाएगा.

बहरहाल इस रोबोट ने परीक्षण के दौरान अच्छे नतीजे दिए हैं और लोगों को यह पसंद भी आ रहा है.
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