अपने दूर बैठे रिश्तेदार से चैटिंग करते समय क्या कभी खुशी व्यक्त करने के लिए "ताली' देने का मन हुआ है, या किसी क्लाइंट से ओनलाइन बात करते समय क्या कभी हाथ मिलाने की जरूरत महसूस की है, क्या कभी अपनी प्रेमिका से चैटिंग करते समय उसके हाथों को छूने का मन हुआ है. वर्तमान समय में यह सम्भव नहीं परंतु जल्द ही हो सकता है. होंगकोंग के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रोबोटिक हाथ का आविष्कार किया है जो दूर दूर बैठे लोगों को करीब ला देगा. इस हाथ की मदद से लोग एक दूसरे को छू पाएंगे भले ही वे एक दूसरे से सैंकडो हजारों मील दूर हों.
चाइनीज़ यूनिवर्सिटी ऑफ होंगकोंग के वैज्ञानिकों ने एक साइबर हाथ बनाया है जो कम्प्यूटर के साथ कनेक्ट हो जाता है. इसकी मदद से कम्प्यूटर के सामने बैठे व्यक्ति को हाथ मिलाने, छूने, खुशी जाहिर करने आदि के अहसास प्राप्त होते हैं. यह यंत्र सामने वाले व्यक्ति के हाथों की गतिविधियों को पढकर उस हिसाब से व्यवहार करता है. यदि वह जोर से हाथ हिलाता है तो दूसरी तरफ बैठे व्यक्ति को भी वैसा ही अहसास होता है.
परंतु यह रोबोटिक हाथ अभी निपुण नहीं बन पाया है. इसमें बहुत सी खामियाँ हैं. इस शोध से जुड़े प्रो. लिउ यूहुई की अनुसार - यह रोबोटिक हाथ क्रांतिकारी खोज है, परंतु अभी निपुण नहीं है. यह ठीक ढंग से 'कॉपी" नहीं कर पाता है. कभी कभी संकेत गलत समझ लेता है. वैसे भी यह कोई वास्तविक हाथ तो नहीं है, इसलिए इसका अहसास एकदम सटीक नहीं होता. लेकिन यह एक शुरूआत जरूर है और समय के साथ इसमें सुधार भी आएगा.
बहरहाल यह अर्धविकसित रोबोटिक हाथ अगले क्रिसमस तक बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा और इसकी कीमत होगी 20 पाउंड.

