यह एक मशीन है परंतु इसे काम करने के लिए ऊर्जा "आहार" से प्राप्त होती है. यह मशीन आम इंसानों की तरह खाना खाती है और फिर व्यर्थ की सामग्री को अपने शरीर से बाहर निकालने के लिए शौच भी जाती है. ब्रिटेन की तकनीकविदों ने इस रोबोट का निर्माण किया है जिसका नाम है - इकोबोट 3. इस रोबोट का निर्माण ब्रिटेन की ब्रिस्टल रोबोटिक्स लेबोरेटरी ने किया है. यह रोबोट ऊर्जा प्राप्त करने के लिए प्याला भर सूप पीता है और बाद में व्यर्थ का पानी शौच के माध्यम से बाहर निकाल देता है. आगामी 19 अगस्त को इस रोबोट का प्रदर्शन डेनमार्क की आर्टिफिशियल लाइव कॉफ्रेंस में किया जाएगा.
कैसे काम करता है यह रोबोट:
इकोबोट 3 या ब्रेडबॉट के नाम से उल्लेखित इस रोबोट को लेजर गाइडेड तकनीक से भोजन तक पहुँचाया जाता है. इसके बाद यह रोबोट सूप वाले प्याले को उठाकर सूप को पी जाता है. यह सूप उसके "पेट" में जाता है. उसका पेट दो विशेष सिलिंडर से बना है जिसमें बैक्टिरिया भरे हुए होते हैं. ये बैक्टिरिया सूप की प्रोसेसिंग करते हैं और 24 माइक्रोबायल फ्यूल सेल हाइड्रोजन को अलग कर उसे अलग अलग स्वरूपों मे बाँट देते हैं.
इस हाईड्रोजन इलैक्ट्रोन से ऊर्जा तैयार होती है जिससे इस रोबोट को काम करने की शक्ति प्राप्त होती है. हाईड्रोजन आयन को बाद में एक दूसरे चैम्बर में भेजा जाता है जहाँ पर उसका सयोंजन ऑक्सिजन के साथ होता है और इस तरह से पानी तैयार होता है. यह रोबोट तैयार हो चुके पानी में से थोडी मात्रा का इस्तेमाल करता है और बाकी शौच की तरह बाहर पम्प कर दिया जाता है.
सम्भावनाएँ:
इकोबोट 3 के डेवलपरों का कहना है कि यह रोबोट ना केवल सूप बल्कि कई तरह के "भोजन" की प्रोसेसिंग कर सकता है, यहाँ तक कि खराब पानी की भी. भविष्य में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल नालों में बह जाने वाले पानी की प्रोसेसिंग कर उससे ऊर्जा प्राप्त करने और साथ ही साथ स्वच्छ पानी तैयार करने में भी हो सकता है.

