इंसानों जैसे रोबोट बनाने में उल्लेखनीय कामयाबी हासिल करने के बाद अब रोबोटिक साइंस से जुड़े लोग जानवरो और कीट पतंगो की नकल करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे रोबोटिक क्षैत्र में नए आयाम जोड़े जा सकें.मिलिए मसाचुएट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी के प्रोफेसर और रोबोटिक वैज्ञानिक सांगबे कीम से. सांगबे कीम कुछ ऐसे रोबोट्स बना रहे हैं जो छिपकलियों की तरह दिवार पर चिपक सकते हैं, तिलचट्टे की तरह तेज रफ्तार से इधर उधर दौड़ सकते हैं, चीते की तरह अधिकतम गति से दौड़ लगा सकते हैं, बिल्लियों की तरह दबे पाँव चल सकते हैं...
सूचि लम्बी है और कीम का इरादा उन सभी जानवरों और कीट पतंगो की नकल करना है जिनमें कुछ ना कुछ विशेष बात हो.
कीम के अनुसार – जानवरों को अपने लिए खाना ढूंढना होता है, पानी ढूंढना होता है, शिकारी से बचना होता है. हलन चलन जानवरों के लिए काफी महत्वपूर्ण कार्य है और मेरे जैसे रोबोटिक वैज्ञानिक जानवरों की इस खूबी को अपने रोबोट में डालना चाहते हैं.
कीम और उनकी टीम ने एक स्टीकीबोट बनाया है जो छिपकली की तरह दिवार पर चिपक जाता है. इसके लिए इस रोबोट के पावँ गद्देदार बनाए गए हैं. इन गद्दों में सेटे और स्पाटुले नामक बाल लगाए गए हैं जो इंसानों के बालों से हजार गुना अधिक पतले होते हैं. इसकी वजह से इन गद्दों और दिवाल के बीच वान डेर वाल्स फोर्स कायम होता है और रोबोट दिवार से चिपक जाता है. यह रोबोट काँच, एक्रेलिक या व्हाइटबोर्ड पर आसानी से चढ जाता है.
इसी तरह इस टीम ने स्पाइनीबोट बनाया है जिसके छोटे छोटे पाँव इसको जमीन से चिपकाकर रखते हैं. यह रोबोट मकड़ी से प्रभावित होकर बनाया गया है.
आइ-स्प्राल नामक रोबोट तिलचट्टे से प्रभावित होकर बनाया गया है जो जमीन पर तेजी से भाग सकता है. एक सेकंड में यह रोबोट 7.5 फूट की दूरी नाम लेता है तथा इसके भागने का मार्ग भी तिलचट्टे की तरह घुमावदार होता है.
ये सभी रोबोट प्रभावित करते हैं लेकिन कीम का “ड्रीम प्रोजेक्ट’ है चीते की तरह भागने वाला रोबोट बनाना. कीम ने हल्के कार्बन फाइबर का उपयोग कर एक प्रोटोटाइप बनाया है. उनकी टीम का लक्ष्य इस रोबोट को 35 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकने लायक बनाना है.
इसके बाद कीम कुछ और जानवरों की नकल करने का प्रयास करेंगे. खोज जारी है!

