इस रोबोट को बनाने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है वह तो आश्चर्यजनक है ही, इस रोबोट की कार्यशैली भी उतनी ही आश्चर्यजनक है. यही वजह है कि वैज्ञानिक इस रोबोट को इंसान के समकक्ष का रोबोट बता रहे हैं.इस रोबोट को बनाना आसान नहीं था, क्योंकि ससेक्स विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का लक्ष्य इस रोबोट को कुछ इस तरह से बनाना था ताकी यह इंसान के शरीर के जैसा बन सके.
और इसके लिए जो तरीका अपनाया गया वह अपने आप में अनोखा है. इस रोबोट को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इंसान के अस्थिपिंजर का अभ्यास किया और एक व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया. यह रोबोट इस तरह से बनाया गया कि वह केवल इंसानों की नकल करता ही ना दिखे बल्कि उसकी सरंचना भी इंसानों के जैसी ही हो. रोबोट का ढांचा इस तरह से बनाया गया जो हुबहु इंसान के अस्थिपिंजर जैसा ही लगे.
स्नायू बनाने के लिए इलास्टिक बैन्ड का इस्तेमाल किया गया. ससेक्स विश्वविद्यालय ने यूरोप के कुछ अन्य संस्थानों के सहयोग के साथ आखिरकार इस रोबोट का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है और इसे नाम दिया गया है – एक्सेरोबोट .
इस प्रोजेक्ट की कमान सम्भाल रहे ओवेन होलेंड का कहना है कि, “हम एक नए तरह का एंथ्रोपोमाइमेटिक रोबोट बनाना चाह रहे हैं. यह ऐसा रोबोट होगा जो बहुत कुछ इंसानों की तरह ही व्यवहार करेगा.”
इस रोबोट के अंदर आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस भी लगाया जा सकेगा और इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर यह रोबोट ठीक उसी तरह से काम करेगा जैसे हम इंसान करते हैं.

