Saturday, March 18, 2006

मार्च 17 : आयरलेंड मे सेंट पेट्रिक डे

आज याहू के लोगो का बेकग्राउंड हरे रंग का था तो सोचा आज जरूर कुछ पर्यावरण से रीलेटेड दिन होगा। लेकिन जब उसपे क्लिक किया तो पता चला कि यह तो आयरलेंड के संत पेट्रिक के मान मे मनाया जाने वाला दिन है। अब आपके जनरल नोलेज़ को बढाने के प्रयास मे यह पोस्ट लिख रहा हुं । इसी बहाने किसी दूसरे देश की सभ्यता जान सके।

दरअसल यह पादरी पेट्रिक ने आयरीश लोगो को इसाइ धर्म का महत्व समजाया और उनको इसाइ बनाया। इसिलिये तब से आयरीश लोग नया जीवन पाने की खुशी मे धन्य हो कर इस त्यौहार को मनाते है, उस संत की याद मे। इस दिन पे हरे रंग का महत्व बहुत होता है। ऐसी मान्यता है कि पेट्रिक ने आयरलेंड के सारे साप समंदर मे डूबा दिये थे। उनकी अछ्छी पर्सनालिटी और कुछ साप को भगाने जेसे चमत्कारो कि बजह से उनका महत्व बढ गया। वेसे यह संत आयरलेंड के नहि थे और वह संत भी फ्रांस मे बने थे।

ज्यादा जानकारी के लिये खुद ही सर्च कर ले!

हथौडा

वेसे अपने यहा एसे चमत्कारी बाबाओ की कमी नहि है। ना जाने कितने बाबा अपने विशाल भक्त समुदायो को सच्ची राह दिखाते होंगे। किसी को ठेंस पहुचाना नहि चाहता लेकिन ये तो मेरी मान्यता है कि कौए हर जगह काले होते है। सिर्फ हमारे साधु या बाबा या पिर या उनके सेंट, सब लोगो ने पता नहि क्या बडा काम कर दिया लेकिन आज भी सालो बाद भी, सब उनकी पूजा करते है। ये मार्केटिंग नहि तो क्या है? क्योकि आज जो भी उन्हे पूजते है वह सिर्फ उनके उन जमाने मे किये हुए चमत्कारो कि कहानिया सुन कर ही पूजते है।


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